आओ गाये गीत तुम्हारे
जग जीवन के तुम रखवारे
मान दिया तुमको कबीर ने
नयन सूर के तुम्हें निहारे
मीरा के चितचोर तुम्हीं हो
तुलसी दीन के शोर तुम्हीं हो
देव बिहारी घनानन्द हो
किसके उर ने नहीं पुकारे
ये रसखान तुम्हीं में डुबे
सफल किये रहीम मंसूबे
महादेवी हो, महाप्राण हो
कवि दिनकर तक आये द्वारे
कण कण तुम्हें पुकारा करता
जीवन सारा वारा करता
चौरासी लख जीव जन्तु सब
शक्ति तुम्हारी से ही हारे
सारे जग को तुम्हीं नचाये
सुखी किसी को दुखी बनाये
दयावान जिस पर हो जाते
उसकी किस्मत मिले सँवारे
आओ गायें गीत तुम्हारे
-बदन सिंह मस्ताना
जग जीवन के तुम रखवारे
मान दिया तुमको कबीर ने
नयन सूर के तुम्हें निहारे
मीरा के चितचोर तुम्हीं हो
तुलसी दीन के शोर तुम्हीं हो
देव बिहारी घनानन्द हो
किसके उर ने नहीं पुकारे
ये रसखान तुम्हीं में डुबे
सफल किये रहीम मंसूबे
महादेवी हो, महाप्राण हो
कवि दिनकर तक आये द्वारे
कण कण तुम्हें पुकारा करता
जीवन सारा वारा करता
चौरासी लख जीव जन्तु सब
शक्ति तुम्हारी से ही हारे
सारे जग को तुम्हीं नचाये
सुखी किसी को दुखी बनाये
दयावान जिस पर हो जाते
उसकी किस्मत मिले सँवारे
आओ गायें गीत तुम्हारे
-बदन सिंह मस्ताना
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