हर्ष शोक विस्मय तड़प, प्रेम भाव सुख चैन
निज मन में चुभकर बहे, कविता कवि के नैन
शब्द कठिन कविता कठिन, समझ सके ना कोय
वह कविता किस काम की, पढ़े असर ना होय
शब्द सरलतम ही चुनें, गूढ़ ज्ञान को खोल
सहज भावना से लिखें, शब्द- शब्द को तोल
-जयवीर सिंह यादव
निज मन में चुभकर बहे, कविता कवि के नैन
शब्द कठिन कविता कठिन, समझ सके ना कोय
वह कविता किस काम की, पढ़े असर ना होय
शब्द सरलतम ही चुनें, गूढ़ ज्ञान को खोल
सहज भावना से लिखें, शब्द- शब्द को तोल
-जयवीर सिंह यादव
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