दानव दहेज को न करें अनदेखा अब,
कुर्बान बहुओं का न व्यर्थ बलिदान हो।
उजड़े घरों के दिन आयें न वे लौटकर,
किन्तु कोई और घर नहीं शमसान हो।
दान बना डाड़ वही हरता है प्राण अब,
जिसे त्यागने का जोरदार अभियान हो।
मूल से मिटाने की शपथ लें रमन सब,
खुद के बदलने का सुदृढ़ प्रमाण हो।
-राम नरेश रमन
कुर्बान बहुओं का न व्यर्थ बलिदान हो।
उजड़े घरों के दिन आयें न वे लौटकर,
किन्तु कोई और घर नहीं शमसान हो।
दान बना डाड़ वही हरता है प्राण अब,
जिसे त्यागने का जोरदार अभियान हो।
मूल से मिटाने की शपथ लें रमन सब,
खुद के बदलने का सुदृढ़ प्रमाण हो।
-राम नरेश रमन
No comments:
Post a Comment