दिल का हाल सुनाना मुश्किल
आया नया जमाना मुश्किल
सुरसा के मुँह-सी मँहगाई
रोज कमाना खाना मुश्किल
दुशासन हर गली मोहल्ले,
बेटी जात बचाना मुश्किल
नफरत हाकिम की फितरत में,
गीत प्रेम का गाना मुश्किल
गुलशन में खारों के पहरे
गुल को गले लगाना मुश्किल
प्रेम वफा रिश्ते और नाते,
पैसे बिना निभाना मुश्किल
कौन है अपना कौन पराया
निर्झर पता लगाना मुश्किल
-सत्येन्द्र निर्झर
No comments:
Post a Comment