सियासत हर जगह हावी, शराफत चल नहीं पाती
चमन में सूखती कलियाँ, ख़ुशी से खिल नहीं पाती
रमन व्यापार सेवा धर्म या साहित्य की दुनिया
बिना इस खेल को समझे सफलता मिल नहीं पाती
-राम नरेश रमन
चमन में सूखती कलियाँ, ख़ुशी से खिल नहीं पाती
रमन व्यापार सेवा धर्म या साहित्य की दुनिया
बिना इस खेल को समझे सफलता मिल नहीं पाती
-राम नरेश रमन
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