-रामलखन यादव
कहीं विलीन हो जाने से पहले
जरा सुनना मेरी बात
दुखती रग पर जरा रखना
प्यार से अपना हाथ
रोकना मेरे आँसू
बहने से पहले
कहीं विलीन हो जाने से पहले
जरा दिखाना मेरा भविष्य
जरा देखना एक बार
मुड़कर मेरी तरफ
मुझे लेने हैं अभी
कई-कई जन्म
इसी जन्म में
जरा बँधाना मुझे आस
कहीं विलीन हो जाने से पहले
सिर्फ एक बार तुम आना
सुनाना उन लोगों के किस्से
जिनके साथ-साथ हम चलते थे कभी
एकजुट होकर
लंबी पगडंडियों पर
और करते थे बातें
कभी जुदा न होने के बारे में
कहीं विलीन हो जाने से पहले
सिर्फ एक बार तुम आना
बताना
कि कैसे रखें सुरक्षित
उनकी यादें
उनके चेहरे
उनका प्यार
उनके शब्द
उनकी आवाज
कैसे रखें सुरक्षित ?
-रामलखन यादव
(आजकल, जुलाई 1994 से साभार)
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