बंजर धरती से करे, प्रकृति यही फ़रियाद
तेरी दुश्मन हो गयी, तेरी ही औलाद
रहिमन समझा कर गए, पानी की तासीर
फिर भी हम सुधारे नहीं, खरच रहे हैं नीर
जल के बिन जीवन नहीं, जल है प्राणाधार
जल के बिना जमीन भी, हो जाती बेकार
जेड समर जब से लगे, जल दोहन भरपूर
शंका है जल के लिए, होगा युद्ध जरूर
वाटर लेविल गिर रहा, मिले न जल की थाह
सरकारें भी मौन हैं, हम भी लापरवाह
-बलराम सरस
तेरी दुश्मन हो गयी, तेरी ही औलाद
रहिमन समझा कर गए, पानी की तासीर
फिर भी हम सुधारे नहीं, खरच रहे हैं नीर
जल के बिन जीवन नहीं, जल है प्राणाधार
जल के बिना जमीन भी, हो जाती बेकार
जेड समर जब से लगे, जल दोहन भरपूर
शंका है जल के लिए, होगा युद्ध जरूर
वाटर लेविल गिर रहा, मिले न जल की थाह
सरकारें भी मौन हैं, हम भी लापरवाह
-बलराम सरस
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