-रणवीर सिंह यादव क्षितिज
भारत का अद्भुत भूगोल
दृश्य यहाँ कितने अनमोल
हिमालय छूता है आकाश
प्रवाहित गंगा जमुना व्यास
कहीं तो पर्वत श्रेणी है
बहती कहीं त्रिवेणी है
पूर्वांचल में हुआ प्रभात
सुनहरी संध्या है गुजरात
कहीं पर भीषण गरमी है
कहीं मौसम में नरमी है
कहीं पर है भारी हिमपात
कहीं पर वर्षा का आघात
कहीं पर बसा हिमांचल है
चमकता कहीं अरुणांचल है
कहीं पर सूखी माटी है
कहीं फूलों की घाटी है
कहीं पर खाली गागर है
कहीं लहराता सागर है
कहीं वीराना रेगिस्तान
कहीं पर हरे भरे मैदान
-रणवीर सिंह यादव क्षितिज
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