Wednesday, December 28, 2022

बाल साहित्य

बीच अखाड़े में आकर के
चूहे जी चिल्लाए,
है कोई जो कुश्ती लड़ने
आज सामने आए 
 
‘मुझसे लड़ लो’
बढ़कर बोली–
बिल्ली मौसी आगे 
भूल पहलवानी चूहे जी,
तुरत वहाँ से भागे!
 
-धीरेन्द्र कुमार यादव

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