Saturday, July 2, 2016

पीपल पर कुछ दोहे

किसकी बर्वादी हुई, कौन हुआ आवाद
पीपल करता रात भर, पत्तों से संवाद

पीपल त्रिपटक बाँचता, पीपल गाता गीत
पीपल सबको बाँटता, साँसों का संगीत

पीपल जब-जब चुप हुआ, तब-तब पसरा मौन
बूढ़े पीपल की व्याथा, समझे आखिर कौन

चिड़ियों को आश्रय मिले, राहगीर को छाँव
भारत की पहचान हैं, पीपल वाले गाँव

पीपल उगता हर जगह, छत हो या दीवार
ऐसे औघड़ सन्त को, कौन सकेगा मार

बन बुजुर्ग करता रहा, पीपल हमसे प्यार
खड़ा गाँव के छोर पर, बनकर पहरेदार

पीपल के नीचे मिला, बड़े-बड़ों को ज्ञान
गीता में भी कृष्ण ने, इसको कहा महान

-डा० जगदीश व्योम

1 comment:

  1. सभी दोहे एक से बढ़कर एक वधाई दादा ।

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